加拿大传媒日前引述加拿大驻美国大使消息指,美国将向加拿大政府提出将中国通讯科技公司华为(Huawei)首席财务官孟晚舟引渡到美国受审,但没有透露美国会在甚么时候提出要求。
中国外交部发言人华春莹周二(1月22日)回应称,“我们敦促加方立即释放孟晚舟女士,切实保障她的合法权益。我们也强烈敦促美方立即纠正错误,撤销对孟晚舟的逮捕令,不向加方提出正式引渡要求。”
此外,逾140名前任和现任政客、学者和外交官周一发出联署信,呼吁中国立即释放康明凯和斯帕弗。签署信件的包括两名美国前驻华大使骆家辉(Gary Locke)和温斯顿•洛德(Winston Lord)、英国前驻华大使韩魁发(Christopher Hum)、前港督彭定康(Chris Patten)等。
加拿大《环球邮报》(Globe and Mail)周一(1月21日)引述麦诺顿(David MacNaughton)指,他早前多次就孟晚舟的案件与美国白宫和国务院高级官员会面,并多次向对方表达加拿大的“愤怒和不满”,因为美国要对孟晚舟执法,过程却令多名加拿大人“受到惩罚”。
加拿大当局去年12月应美国要求,在孟晚舟于温哥华转机时将她拘捕,指她所在的公司因涉嫌违反美国对伊朗制裁条例而被调查。中国之后拘留多名在华加拿大人,包括前外交官康明凯(Michael Kovrig)和商人斯帕弗(Michael Spavor),指他们从事“危害中国国家安全活动”,被视为中方对孟晚舟被捕的报复。
由超过140名现任政客、学者和外交官联合署名的公开信指,康明凯和斯帕弗一直都致力建立中国与世界其他国家的沟通桥梁,此类交流是全球学术研究和外交工作的基本组成部份,而中国当局扣留康明凯和斯帕弗,向世界传递出“这样的建设性工作在中国不受欢迎”的信息。
法新社引述联署信其中一名发起人德国墨卡托中国研究中心(Mercator Institute for China Studies)学者韦登费尔德(Jan Weidenfeld)的话称,信件是要向中国表示,它现在这种处理事情的手法会令其他国家疏离中国。
韦登费尔德说,联署信尤其是要对中国“任意”处理事情的手法表达忧虑。他对法新社说,外界目前“不知道中国是否跟随规则行事”,无人可确定自己或同事会不会成为下一个受害者。
加拿大去年12月应美国要求拘捕孟晚舟后,中国先后拘捕多名加拿大人,包括康明凯、斯帕弗和加拿大女子麦基弗(Sarah Mclver)。中国否认这同孟晚舟事件有关。
中方表示麦基弗的工作签证有问题被拘留,加拿大政府同月证实她已经获释回国。
中国大连法院1月14日处理早前被控贩毒罪的加拿大人谢伦伯格(Robert Lloyd Schellenberg)上诉案时,改判他死刑,没收个人全部财产,中加两国关系再次升温。
加拿大总理特鲁多(Justin Trudeau)公开表示严重关切,指责中国的死刑判决“武断”。但中国外交部发言人华春莹回应称:“我不知道加方有关人士讲这个话之前,有没有认真地读一读辽宁省大连市中级人民法院就此案发布的相关信息,有没有认真地学一学中国的有关法律。”
加拿大魁北克市市长拉博姆早前据报取消原定3月访华的计划,被视为中加关系冷却的又一迹象。中国外交部拒绝回应事件,只表示中方并不了解“加拿大有关方面访华计划”。
Wednesday, January 23, 2019
Monday, January 7, 2019
वो 5 चीज़, जो इस टेस्ट सिरीज़ में पहली बार हुई
सबसे पहले मैं कहना चाहता हूं कि मुझे इस टीम का हिस्सा होने पर गर्व है. यहीं बदलाव की शुरुआत हुई थी, जब मैंने कप्तानी संभाली थी और अब यक़ीन नहीं हो रहा कि चार साल बाद हम यहीं जीते हैं.'
बारिश की वजह से सिडनी टेस्ट धुलने और टेस्ट सिरीज़ में 2-1 से जीत दर्ज करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली प्रेजेंटेशन में बोल रहे थे. वो चार साल पहले का ज़िक्र कर रहे थे, जब भारतीय टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था.
टेस्ट सिरीज़ जारी थी, जब बीच में ही धोनी ने कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया था और टीम का ज़िम्मा कोहली को सौंपा गया. उस सिरीज़ में कोहली का बल्ला जमकर बोला था. उन्होंने 692 रन बनाए थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया चार टेस्ट की सिरीज़ 2-0 से जीता था.
कोहली ने बार-बार एक शब्द इस्तेमाल किया, 'गर्व!' उन्होंने कहा, ''इस टीम की कप्तानी करना सम्मान और गर्व की बात है. सारे लड़के इतना अच्छा खेले हैं कि मैं बतौर कप्तान अच्छा दिखने लगा हूं. ये मेरी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है.''
ये जीत वाक़ई ख़ास है क्योंकि भारतीय टीम ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर टेस्ट सिरीज़ में हराने में कामयाबी हासिल की है. इससे पहले के कप्तानों की अगुवाई में टीम वहां टेस्ट मैच जीत चुकी है, लेकिन सिरीज़ में जीत पहली बार नसीब हुई है.
भारतीय टीम साल 1947-48 से ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर रही है, लेकिन उसे पहली बार वहां टेस्ट सिरीज़ में जीत मिली है. इस सिरीज़ के पहले मैच में एडिलेड में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया, दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में वापसी की और सिरीज़ 1-1 पर आ गई.
तीसरा टेस्ट मैच मेलबर्न में खेला गया और टीम इंडिया ने एक बार धमाकेदार टीम अफ़र्ट दिखाया और फिर मैच जीता. सिरीज़ का चौथा मैच सिडनी में खेला गया और बारिश ख़लल ना डालती तो इस मैच में भी टीम इंडिया के जीतने की संभावनाएं कहीं ज़्यादा थीं.
1947-48 में ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट सिरीज़ 4-0, 1967-68 में 4-0, 1977-78 में 3-2, 1991-92 में 4-0, 1999-2000 में 3-0, 2007-08 में 2-1, 2011-12 में 4-0, 2014-15 में 2-0 से जीती थी. ये पहला मौका है, जब ऑस्ट्रेलिया में खेली गई टेस्ट सिरीज़ में भारत का नाम विजेता के रूप में है, और कंगारू टीम का हारने वालों के रूप में.
आम तौर पर जब ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सिरीज़ खेली जाती है तो सामने वाली टीम को कई बार फ़ालोऑन का सामना करना पड़ता है. फ़ालोऑन का मतलब है कि अगर टेस्ट की पहली पारी में कोई टीम 500 रन बनाए तो दूसरी टीम को कम से कम 301 रन बनाने होते हैं. ऐसा ना करने की स्थिति में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को ऑलआउट होने पर दोबारा बल्लेबाज़ी करने के लिए बुलाया जाता है, जिसे फ़ालोऑन कहा जाता है.
ऑस्ट्रेलिया ने इस सिरीज़ में 31 साल बाद फ़ालोऑन का सामना किया. चौथे टेस्ट की पहली पारी में भारतीय टीम ने 622 रन बनाए और जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 300 रन बनाए. कोहली ने ऑस्ट्रेलिया को फ़ालोऑन दिया और दोबारा बल्लेबाज़ी के लिए उतारा. दूसरी पारी में कंगारू टीम ने 6 रन बनाए थे कि बारिश ने मैच में ख़लल डाला.
इससे पहले साल 1988 में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को सिडनी में खेले गए टेस्ट मैच में फ़ालोऑन दिया था. इस मैच में पहले खेलते हुए इंग्लैंड ने 425 रन बनाए थे और ऑस्ट्रेलिया 214 रनों पर सिमट गया था. फ़ालोऑन के लिए बुलाए जाने पर दूसरी पारी में कंगारू टीम ने दो विकेट पर 328 रन बनाए और मैच ड्रॉ हो गया.
बारिश की वजह से सिडनी टेस्ट धुलने और टेस्ट सिरीज़ में 2-1 से जीत दर्ज करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली प्रेजेंटेशन में बोल रहे थे. वो चार साल पहले का ज़िक्र कर रहे थे, जब भारतीय टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था.
टेस्ट सिरीज़ जारी थी, जब बीच में ही धोनी ने कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया था और टीम का ज़िम्मा कोहली को सौंपा गया. उस सिरीज़ में कोहली का बल्ला जमकर बोला था. उन्होंने 692 रन बनाए थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया चार टेस्ट की सिरीज़ 2-0 से जीता था.
कोहली ने बार-बार एक शब्द इस्तेमाल किया, 'गर्व!' उन्होंने कहा, ''इस टीम की कप्तानी करना सम्मान और गर्व की बात है. सारे लड़के इतना अच्छा खेले हैं कि मैं बतौर कप्तान अच्छा दिखने लगा हूं. ये मेरी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है.''
ये जीत वाक़ई ख़ास है क्योंकि भारतीय टीम ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर टेस्ट सिरीज़ में हराने में कामयाबी हासिल की है. इससे पहले के कप्तानों की अगुवाई में टीम वहां टेस्ट मैच जीत चुकी है, लेकिन सिरीज़ में जीत पहली बार नसीब हुई है.
भारतीय टीम साल 1947-48 से ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर रही है, लेकिन उसे पहली बार वहां टेस्ट सिरीज़ में जीत मिली है. इस सिरीज़ के पहले मैच में एडिलेड में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया, दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में वापसी की और सिरीज़ 1-1 पर आ गई.
तीसरा टेस्ट मैच मेलबर्न में खेला गया और टीम इंडिया ने एक बार धमाकेदार टीम अफ़र्ट दिखाया और फिर मैच जीता. सिरीज़ का चौथा मैच सिडनी में खेला गया और बारिश ख़लल ना डालती तो इस मैच में भी टीम इंडिया के जीतने की संभावनाएं कहीं ज़्यादा थीं.
1947-48 में ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट सिरीज़ 4-0, 1967-68 में 4-0, 1977-78 में 3-2, 1991-92 में 4-0, 1999-2000 में 3-0, 2007-08 में 2-1, 2011-12 में 4-0, 2014-15 में 2-0 से जीती थी. ये पहला मौका है, जब ऑस्ट्रेलिया में खेली गई टेस्ट सिरीज़ में भारत का नाम विजेता के रूप में है, और कंगारू टीम का हारने वालों के रूप में.
आम तौर पर जब ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सिरीज़ खेली जाती है तो सामने वाली टीम को कई बार फ़ालोऑन का सामना करना पड़ता है. फ़ालोऑन का मतलब है कि अगर टेस्ट की पहली पारी में कोई टीम 500 रन बनाए तो दूसरी टीम को कम से कम 301 रन बनाने होते हैं. ऐसा ना करने की स्थिति में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को ऑलआउट होने पर दोबारा बल्लेबाज़ी करने के लिए बुलाया जाता है, जिसे फ़ालोऑन कहा जाता है.
ऑस्ट्रेलिया ने इस सिरीज़ में 31 साल बाद फ़ालोऑन का सामना किया. चौथे टेस्ट की पहली पारी में भारतीय टीम ने 622 रन बनाए और जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 300 रन बनाए. कोहली ने ऑस्ट्रेलिया को फ़ालोऑन दिया और दोबारा बल्लेबाज़ी के लिए उतारा. दूसरी पारी में कंगारू टीम ने 6 रन बनाए थे कि बारिश ने मैच में ख़लल डाला.
इससे पहले साल 1988 में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को सिडनी में खेले गए टेस्ट मैच में फ़ालोऑन दिया था. इस मैच में पहले खेलते हुए इंग्लैंड ने 425 रन बनाए थे और ऑस्ट्रेलिया 214 रनों पर सिमट गया था. फ़ालोऑन के लिए बुलाए जाने पर दूसरी पारी में कंगारू टीम ने दो विकेट पर 328 रन बनाए और मैच ड्रॉ हो गया.
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