Monday, January 7, 2019

वो 5 चीज़, जो इस टेस्ट सिरीज़ में पहली बार हुई

सबसे पहले मैं कहना चाहता हूं कि मुझे इस टीम का हिस्सा होने पर गर्व है. यहीं बदलाव की शुरुआत हुई थी, जब मैंने कप्तानी संभाली थी और अब यक़ीन नहीं हो रहा कि चार साल बाद हम यहीं जीते हैं.'

बारिश की वजह से सिडनी टेस्ट धुलने और टेस्ट सिरीज़ में 2-1 से जीत दर्ज करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली प्रेजेंटेशन में बोल रहे थे. वो चार साल पहले का ज़िक्र कर रहे थे, जब भारतीय टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था.

टेस्ट सिरीज़ जारी थी, जब बीच में ही धोनी ने कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया था और टीम का ज़िम्मा कोहली को सौंपा गया. उस सिरीज़ में कोहली का बल्ला जमकर बोला था. उन्होंने 692 रन बनाए थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया चार टेस्ट की सिरीज़ 2-0 से जीता था.

कोहली ने बार-बार एक शब्द इस्तेमाल किया, 'गर्व!' उन्होंने कहा, ''इस टीम की कप्तानी करना सम्मान और गर्व की बात है. सारे लड़के इतना अच्छा खेले हैं कि मैं बतौर कप्तान अच्छा दिखने लगा हूं. ये मेरी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है.''

ये जीत वाक़ई ख़ास है क्योंकि भारतीय टीम ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर टेस्ट सिरीज़ में हराने में कामयाबी हासिल की है. इससे पहले के कप्तानों की अगुवाई में टीम वहां टेस्ट मैच जीत चुकी है, लेकिन सिरीज़ में जीत पहली बार नसीब हुई है.

भारतीय टीम साल 1947-48 से ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर रही है, लेकिन उसे पहली बार वहां टेस्ट सिरीज़ में जीत मिली है. इस सिरीज़ के पहले मैच में एडिलेड में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया, दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में वापसी की और सिरीज़ 1-1 पर आ गई.

तीसरा टेस्ट मैच मेलबर्न में खेला गया और टीम इंडिया ने एक बार धमाकेदार टीम अफ़र्ट दिखाया और फिर मैच जीता. सिरीज़ का चौथा मैच सिडनी में खेला गया और बारिश ख़लल ना डालती तो इस मैच में भी टीम इंडिया के जीतने की संभावनाएं कहीं ज़्यादा थीं.

1947-48 में ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट सिरीज़ 4-0, 1967-68 में 4-0, 1977-78 में 3-2, 1991-92 में 4-0, 1999-2000 में 3-0, 2007-08 में 2-1, 2011-12 में 4-0, 2014-15 में 2-0 से जीती थी. ये पहला मौका है, जब ऑस्ट्रेलिया में खेली गई टेस्ट सिरीज़ में भारत का नाम विजेता के रूप में है, और कंगारू टीम का हारने वालों के रूप में.

आम तौर पर जब ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सिरीज़ खेली जाती है तो सामने वाली टीम को कई बार फ़ालोऑन का सामना करना पड़ता है. फ़ालोऑन का मतलब है कि अगर टेस्ट की पहली पारी में कोई टीम 500 रन बनाए तो दूसरी टीम को कम से कम 301 रन बनाने होते हैं. ऐसा ना करने की स्थिति में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को ऑलआउट होने पर दोबारा बल्लेबाज़ी करने के लिए बुलाया जाता है, जिसे फ़ालोऑन कहा जाता है.

ऑस्ट्रेलिया ने इस सिरीज़ में 31 साल बाद फ़ालोऑन का सामना किया. चौथे टेस्ट की पहली पारी में भारतीय टीम ने 622 रन बनाए और जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 300 रन बनाए. कोहली ने ऑस्ट्रेलिया को फ़ालोऑन दिया और दोबारा बल्लेबाज़ी के लिए उतारा. दूसरी पारी में कंगारू टीम ने 6 रन बनाए थे कि बारिश ने मैच में ख़लल डाला.

इससे पहले साल 1988 में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को सिडनी में खेले गए टेस्ट मैच में फ़ालोऑन दिया था. इस मैच में पहले खेलते हुए इंग्लैंड ने 425 रन बनाए थे और ऑस्ट्रेलिया 214 रनों पर सिमट गया था. फ़ालोऑन के लिए बुलाए जाने पर दूसरी पारी में कंगारू टीम ने दो विकेट पर 328 रन बनाए और मैच ड्रॉ हो गया.

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